Saturday, January 11, 2014

Death Combination !

Who is using who? Is the Congress using the AAP or is it vice versa? That only time will tell, but the Congress has a better track record of destroying parties. It split the Janata Party by supporting Charan Singh. It brought down the Janata Dal government by supporting Chandra Shekhar.

In 1998 the Janata Dal was totally destroyed at the national level. The AAP should note that the touch of the Congress is not the Midas touch, but the touch of death.

Parting shot…

There is a theory floating around that the AAP is a B-team of the Congress and it will play spoiler to Modi's chances in 2014. That is missing the point. It's possible that the AAP may not even reach double digits.

Even if it does get say 20 seats, then what if it snatches 10 seats from the Congress and only 5 from the BJP? The AAP may or may not be a spoiler and it may or may not spoil the chances of the UPA, NDA or Third Front.

There are too many ifs and buts and it is only the electorate which will decide whether or not they want Modi as the PM, AAP or no AAP.

कौन किसे इस्तेमाल कर रहा है ?  कांग्रेस आम पार्टी को या फिर उल्टा ? सिर्फ वक़्त ही बताये गा , मगर कांग्रेस के पास कला है पार्टी तोडना । चरण सिंह को सपोर्ट कर के जनता पार्टी को तोडा , जनता दल कि सरकार गिरायी चन्द्र शेखर को समर्थन दे कर । राष्ट्रीय स्टार पर १९८८ में जनता दल पूरी तरह से तबाह हो गया ।  कांग्रेस का हात कोई सोने का स्पर्श नहीं, वोह विनाश का स्पर्श है। 

अभी भी नही जागे और सिर्फ Key Board बजाते रहे तो ट्विटर पर UPA3 को गाली देते देते अगले पाँच साल भी कट ही जाएंगे

जिस तरह से कांग्रेस ने "unconditional" सपोर्ट दिया है उसी तरह "आम आदमी पार्टी" के सपोर्टर कांग्रेस का "unconditionalकाम कर रहे है। 

बताओ राहुल गांधी/सोनिया गांधी के मंच से कभी भी "भारत माता कि जय" का नारा सुना है ?  क्या मुझे बताने कि जरुरत है देशभक्त कोन है ?  सरे देशभक्त एक साथ आ जाओ और इनको हराओ !


कभी मेहरबान था तोह कभी अनजान था ,
मेरा वेहम था की वोह मेरा गुमान था।

देकर जख्म वोह मरहम रख गया ,
बन रहा था के वाकई इतना नादाँ था।


Thursday, January 9, 2014

अफज़ल माफ़ नहीं होगा

अफज़ल माफ़ नहीं होगा 

संसद पर हमले की पीड़ा झेल रहा क्यूँ हिंदुस्तान |
वीर शहीदों के घावो से खेल रहा क्यूँ हिंदुस्तान ||
निर्दोशो का लहू बहके आतंकी संगीनों पर |
नाग करोरो नाच रहे है पाकिस्तानी बीनो पर ||

घायल संसद स्वाभिमान को फँसी की तैय्यारी है | 
घायल संसद स्वाभिमान को फँसी की तैय्यारी है |
ये फंदे कैसे दोल रहे है अब अफज़ल की बारी है || 

आस्तीन में साप पलना भारत को स्वीकार नहीं |
और हिन्दुस्तान में गद्दारों को जीने का अधिकार नहीं ||

( कटते हुए वृक्ष से कुल्हाड़ी ने कहा हे वृक्ष तुम्हारी तो नियति ही काटना
है फिर जब में तुम्हे काट रही हूँ तब तुम्हे इतना दुःख क्यूँ हो रहा है इसपर
वृक्ष बोला की हे कुल्हाड़ी मेरे ही वंशा का अंश जब मेरे ही विध्वंसा का कारन
बना है ये मेरे वंशा का जो हत्था तुम्हारा साथ दे रहा है अगर ये तुम्हारा साथ
नहीं देता तो तुम मुझको काट नहीं पाती |
मेरे देश की दुर्दशा भी शायद सीए हो गयी है इसीलिए कटता जा रहा है )

आस्तीन में साप पलना भारत को स्वीकार नहीं |
और हिन्दुस्तान में गद्दारों को जीने का अधिकार नहीं ||

खून के छींटे गीले है जब संसद के गलियारों में |
सिद्ध फैसला फँसी का क्यूँ भटक रहा दरबारों में ??

कैसा गाफिल देश हमारा अफज़ल अभी भी जिंदा है ?
कैसा गाफिल देश हमारा अफज़ल अभी भी जिंदा है ?
मृत्युपरांत के शौर्य चक्र भी घायल है शर्मिंदा है ||
वे विधवाए विस्मित क्रोधित जिनके कान्त हुए बलिदान ||
लौटा दिए प्रतीक शौर्य के शर्मसार है हिन्दुस्तान ||
लौटा दिए प्रतीक शौर्य के शर्मसार है हिन्दुस्तान ||

उठो सिंह सपूतों फिर से सारा हिन्दुस्तान उठे |
और सिंघासन दिल्ली का डोले ऐसा कदम महा उठे ||
और फिर से दिल्ली के चौराहों पर वन्दे मातरम गाना है |
हुंकार हमारी अफज़ल को अब फँसी पर लटकाना है ||

याद करो जलियावाला जब मौसम आदमखोर हुआ |
इन्कलाब के नारों में फिर बलिदानों शोर हुआ ||
कौन सज़ा देता दायर को ?? कौन सज़ा देता दायर को ??
वो शाशन ही हत्यारा था !! और उधम सिंह ने उस दायर को लन्दन जाकर मारा था ||

फिर उस देश के स्वाभिमान को अफज़ल ने ललकारा है |
उदंड अधम को दंड मिलेगा ये संकल्प हमारा है ||
और ऐसी भीष्म प्रतिज्ञा हो तो तक्षक नाग भी हिल जायेगा |
और सौ करोर का बाजे शंख तो मृत्युदंड भी मिल जायेगा ||

पांचजन्य जब गूंज रहा अब नितरज्निकर्तारों में |
सिद्ध फैसला फँसी का क्यूँ भटक रहा दरबारों में ??
सत्ता का इन्साफ तराजू मध्य हवा में दोल रहा है |
गद्दारों के मंसूबो से लहू हमारा खौल रहा है ||

(कथा अपने सुनी होगी की शुशिपाल की ९९ गालियाँ माफ़ कीथी श्री कृष्णा जी ने
लेकिन सौवी गाली पर शिशुपाल वध हुआ था )

चक्र सुदर्शन उठा कृष्णा को शिशुपाल वध करना होगा !!
ये सौवी गाली है अफज़ल अबतो तुझको मरना होगा !!
अब सरे आम फांसी देदो वरना इन्साफ नहीं होगा !
और बलिदान हमारा चाहे लो पर अफज़ल माफ़ नहीं होगा !!

मारो कुत्ते की मौत उन्हें जो भारत माँ पे घात करे |
और पहले उनको फँसी देदो जो माफ़ी की बात करे ||
लोकतंत्र के उन् गुंडों की गिनती हो गद्दारों में !
सिद्ध फैसला फँसी का क्यूँ भटक रहा दरबारों में ??

( एक में दिल्ली में इस कविता का पाठ कर रहा था तब मुझको
कहा गया की भाई नए नए कवी बने हो ऐसे कविताये मत पढो फतवे
जारी हो जायेंगे उन् महाशय को में आखिरी पंक्तियों से जवाब देता हूँ )

में आक्रोश का गायक हूँ अभिनन्दन की चाह नहीं !!
और रक्त तिलक का धारक हूँ मुझको चन्दन की चाह नहीं !!
दिलमे हिंदुस्तान बसा कर रखता जान हथेली पर !
इसलिए मौत के फतवों की मुझको हरगिज़ परवाह नहीं ||



http://www.youtube.com/watch?v=NiY0fn4F2UE&feature=youtube_gdata_player

Monday, December 23, 2013

एक और धोका

सोचिये अगर ८ दिसंबर को यह बात लोगो को पता चलती के आप और कांग्रेस सरकार बनाएंगे तो सब लोग बोलते के जनता को धोका दिया। 
अब सियासी चाल देखिये बच्चो कि कसम खा कर के बोला के सपोर्ट नहीं लेंगे या देंगे भी नहीं, कांग्रेस के खिलाप पूरा इलेक्शन लढ़ा , ८ तारिक से यही सवाल था के कांग्रेस के साथ सरकार ,लोगो को कैसे बताये ?
तोह लोगो को पुछा "सरकार बनाये या नहीं ?" जब कि असली सवाल था "कांग्रेस का साथ ले कर सरकार बनाये या नहीं ?" रियलिटी शो के तरह वोट मांगना सिर्फ एक धोका था , जो ८ दिसम्बर को होना था वो आज हुआ। कांग्रेस ४ थी बार सत्ता में आयी (ये जो भी करेंगे कांग्रेस बोलेगी हमारे सपोर्ट से किया , फ्री में क्रेडिट कांग्रेस को )
अन्ना की टोपी पहनकर दिल्ली के लोगो को टोपी पहनायी गयी।


हिदुस्तान कि राजनीती में ये नया नहीं है , पहले लोकनायक जयप्रकाश नारायण के आंदोलन से राजनीती कि सुरुवात करने वाले लालू ने यही किया , महाराष्ट्र में शरद पवार ने कांग्रेस तोड़ कर कांग्रेस के साथ ही सत्ता बनायीं , मुलायम सिंह यादव ने कांग्रेस के खिलाप चुनाव लड़कर कांग्रेस को ही सपोर्ट दिया , जीवनभर कांग्रेस विरोधी राजीनीति करने वाले नितीश कि सर्कार कांग्रेस के सपोर्ट पर ही चल रही है।  आंध्र प्रदेश में कांग्रेस के खिलाप प्रचार कर चिरंजीवी ने प्रज्या राज्यम् पार्टी बनायीं  और इलेक्शन के बाद कांग्रेस में शामिल हो के मंत्री बन गए। 
भाजपा थोडा इस मामले में अभागी रही , मायावती को भाजपा के सपोर्ट से CM बनाया , उसने भाजपा को धोका दिया , नितीश ने भी वही किया।
बहुत सरे उदाहरण मेरे के छूट गए।  पर ये जरुर कहना चाहूंगा जनता सब देखती है !

में ईमानदार क्यों के , में खुद बोल रहा हु।
बाकि सरे को बेईमान क्यों के मेरे पास "आन्ना" की टोपी है ,(टोपी पहनी पर आना को छोड़ दिया ?)
केजरीवाल कांग्रेस के साथ सरकार बनाकर "भ्रष्टाचार" का खात्मा करेंगे .... पाकिस्तानी फौज तालिबान के साथ मिलकर "आतंकवाद" का खात्मा करेंगी...

एक बात तो है , कांग्रेस ने इलेक्शन हार कर भी सरकार बना ली , काम आम आदमी पार्टी करेगी और क्रेडिट लेने के लिए कांग्रेस एक ही डायलॉग बोलेगी  " हमारे सपोर्ट से हुआ "

अब तक आप सब लोगो को कोसते थे , अब आप पब्लिक ऑफिस में हो , थोडा सा critisism किया तो बुरा मान गए ?

जरा सोचिये, जो AAP ने किया वोही अगर BJP करती तो ? बहुत बड़ा हौवा खड़ा हो जाता , सरे न्यूज़ चैनल वाले पड़ते।

एक बूढ़े आदमी कि टोपी पहनके तूने आम जनता से वोट मांगे , फिर उसी बूढ़े आदमी को भूके मरने के लिए छोड़ दिया। बच्चो कि कसम खा कर के जो धोका कर सकता है वो क्या भरोसे के ? 


 भारत हमारी माँ है , भारत माँ को काट कर कश्मीर जो पाकिस्तान को देना चाहते है उनको कभी भी माफ़ नहीं करूँगा। 
शहीद मोहन शर्मा को सिर्फ वोट बैंक पॉलिटिक्स के गली देने वाले को कभी माफ़ नहीं करेंगे। 


सोचिये -आम आदमी पार्टी को दिया हुआ हर के वोट कोंग्रेस को ही जायेगा मुलायम सिंह और अरविन्द केजरीवाल में कोई फर्क नहीं है , दोनों कांग्रेस को गाली देके उसी को सपोर्ट करते है !

ये कश्मीर पाकिस्तान को देकर ही मनेग़े


कश्मीर को पाकिस्तान को देने की सोचने वाले प्रशांत भूषन से मेरा के सवाल :
कश्मीरी पंडितो का नरसंहार हुआ उसकी बारे में एक भी रिपोर्ट नहीं लिखी गयी ,दोषियो को सजा करने के बारे में आप के विचार बताये। अपने ही देश में शरणार्थी बन कर रहने वाले "लाखो" फिर से कहता हु "लाखो" कश्मीरी पंडित और उनके बाचो का कश्मीर में पुनर्वसन करे के बारे में अपने विचार बताये , फिर पूरे देश में रेफेरेंडम कर सकते है।

ईमानदारी का सर्टिफिकेट ले के घूमने वाले अब करप्शन के खिलाफ क्या एक्शन कर रहे है ? भूल गए भस्टाचार के खिलाफ दिए गए बयान ?


मेरे हाथों को मालूम है तुम्हारे गिरेबानों का पता , चहु तो पकड़ लू पर मजा आता है माफ़ करने में !


सोचा था घर बनके मिलेगा सुकून …
मगर, 
घर कि ज़रुरतो ने मुसाफिर बाना दिया ।

समन्दरों के सफ़र में हवा चलता है , जहाज़ खुद नहीं चलते , वो चलता है
यह लोग पाँव  नहीं ज़हन से अपाहिज है ,  उधर चलेंगे जहा रहनुमा चलता है , 
और तुझे खबर नहीं मेले में घूमने वाले , तेरी दुकान कोई दूसरा चला रहा है !


जो दौर है दुनिया का उसी दौर से बोलो ,
बहरो का इलाका है , जरा जोर से बोलो
आखो में है कुछ , दिल में है कुछ , होटो पे कुछ
यूँ बोल रहे हो तो किसी और से बोलो


कोई बंटी समझता है , तो कोई बबली समझता है।
#AAP के दिल की बैचेनी तो सिर्फ लवली समझता है।
मिले हुए हैँ हम काँग्रेस से ये अरविंद समझता है या लवली समझता है।

२०१४ साल कैसे आया पता ही नहीं चला  और ,
आप सपोर्टर कांग्रेस सपोर्टर कैसे बना पता ही नहीं चला।

अस्पताल की दीवारो में मंदिर /मस्जीत ज्यादा दुआ सुनाई देती है।


यह चाँद है ... रात है सुहानी  , तुम साथ नहीं हो यही मेरी कहानी।


पूरी दुनिया भी साथ दे तो और बात है , पर तू जरा भी साथ दे तो और बात है।
चलने को एक पाव से भी चल रहे है लोग पर दूसरा भी साथ दे तो और बात है।


एक बात दिल में है जो कहना चाहता हु , संतोष कोली याद है ? जब उसका एक्सीडेंट हुआ था तोह "आप" से सरे नेता बोल रहे थे की साजिश हुई है , हत्या हुई है। लोगो ने संतोष के मृत्यु को बहुत सहानुभूती से देखा । उसे टिकट दिए जाना था जो कि अच्छी कैंडिडेट थी। लोगो को बताया गया था के अच्छे उमीदवार चुनने कि एक प्रक्रिया है , काम किया होना चाहिए … सरे नियम ताक पर रख कर सहानुभूती के लिए उसके भाई को टिकट दिया गया और वोह जीत के भी आया । राजनीती कि रोटी सेकी गयी। आज सरकार "आप" की है … अगर सच में साजिश हुई है तोह आप गुनहगार को देश के सामने क्यों नहीं लाते ?


केजरीवाल भाई थोडा टाइम लेके अच्छे  से decision लो , मीडिया दो धारी तलवार है , एक ही दिन ऊपर भी उठाएगी और दूसरे दिन नीचे भी उतारेगी … "आप" की मीडिया जब तक तारीफ कर रहा था तब तक अच्छा था , आज बुराई की तोह बुरा हो गया ? १३ साल से "मोदीजी" के पीछे है , बहुत बुराई करते है फिर अच्छा काम देख के अच्छा बोलना पड़ा , कुछ सीखो मोदीजी से ! - हिंदुस्तान के एक राज्य के मुख्यमंत्री हो इस किये केह रहा हु !

योगेन्द्र यादव : मेरा सपना है के प्रशांत भूषण पाकिस्तान का प्रधानमंत्री देखना चाहता हु।



ये तो हमारी शराफ़त है, वरना, हम लिखने आ गये तो, कलम से ही सर कलम कर देगे.... :)"

तरस आता है उन लोगों पर जो निकले थे "भ्रस्टाचार" मिटने और आज कांग्रेस की भाषा बोल रहे है। Discussion में जो कांग्रेस बोलती है वोही गाली आज आप मोदी को दे रहे हो तो आप ही सोचो … शुरुवात से क्या आप का उद्देश यही था ? नहीं तो आप गलत रास्ते पर हो।  आज जो "Good Governance" चाहते है उसकी सब से ज्यादा चर्चा होने कि वजह मोदी का गुजरात मॉडल है इसे कोई नकार नहीं सकता। कोई नया आया है तो  देश में जो अच्छा है उससे क्यों नहीं सीख सकता।



जो लोग मिस्ड कॉल करके जॉइन किये थे पूछ रहे है अब छोड़े कैसे







Wednesday, November 27, 2013

एक पार्टी बाल कलाकार के सहारे २०१४ का चुनाव लड़ना चाहती है।



एक पार्टी  बाल कलाकार के सहारे २०१४ का चुनाव लड़ना चाहती है। पर इस कुटिल को एक लोमड़ी का साथ मिल गया है। अंग्रेजी में बोलते है If you can not convince them , confuse them नए तरीके से बेवकूफ़ बनाने कि चाल है। में भी इस में फस गया था।  पहले तो अपने दो गुरु को ठगा , फिर पार्टी बना के जनता को ठगा। संक्षेप में - मोदी को रोकने के लिए एक ख़रीदा हुआ खिलाडी।

Yes , its Historic !!! देश में पहली बार पढ़े लिखे लोगो को बेवकूफ बनाया गया !

समझ में आयी बात ? इसे कहते है PROFESSIONAL तरीके से बेवकूफ बनाना !





शेर चुनो...

एक जंगल था। उसमें हर तरह के जानवर रहते थे। एक दिन जंगल के राजा का चुनाव हुआ। जानवरों ने शेर को छोड़कर एक बन्दर को राजा बना दिया। एक दिन शेर बकरी के बच्चे को उठा के ले गया। बकरी बन्दर राजा के पास गई और अपने बच्चे को छुड़ाने की मदद मांगी।बन्दर शेर की गुफा के पास गया और गुफा में बच्चे को देखा। पर अन्दर जाने की हिम्मत नहीं हुई। बन्दर राजा गुफा के पेड़ो पर उछाल लगाता रहा.. 2 दिन ऐसे ही उछाल कूद में गुजर गए। तब बकरी ने जाके पूछा .." राजा जी मेरा बच्चा कब लाओगे.. ?" 
इस बन्दर राजा तिलमिलाते हुए बोले "-हमारी उछल कूद में कोई कमी हो तो बताओ "।..

NOW THE SAME SITUATION IS IN INDIA...

शेर चुनो..... वर्ना फिर कोई बन्दर सरकार चलाएगा !

Thursday, October 24, 2013

Fake university List published by UGC.

I was Reading news and come accross the article which mentions the Fake university list published by UGC , surprisingly it mentions lots of old and sanksrit university also. I am pained to see this . What we can do about it ?

यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन यानी कि यूजीसी ने ऐसे फर्जी विश्‍वविद्यालयों और संस्‍थानों की सूची जारी की है, जिनके चक्‍कर में पड़कर कई छात्र मुश्किल में पड़ जाते हैं.
ये विश्‍वविद्यालय तमाम विषयों पर ग्रैजुएशन और पोस्‍ट ग्रैजुएशन कोर्स तो करवाते हैं, लेकिन ये किसी केंद्रीय, राज्‍य या यूजीसी एक्‍ट के तहत रजिस्‍टर नहीं होते हैं. नतीजतन इनकी डिग्रियों की कोई मान्‍यता नहीं होती और छात्रों का भविष्‍य अधर में लटक जाता है.
यूजीसी की साल 2013 के लिए फर्जी विश्‍वविद्यालयों और संस्‍थानों की राज्‍यवार सूची:

बिहारमैथिली यूनिवर्सिटी, विश्‍वविद्यालय, दरभंगा, बिहार

दिल्‍ली
वाराणसी संस्‍कृत विश्‍वविद्यालय, वाराणसी (यूपी) जगतपुरी, दिल्‍ली
कॉमर्शियल यूनिवर्सिटी लिमिटेड, दरियागंज, दिल्‍ली
यूनाइटेड नेशंस यूनिवर्सिटी, दिल्‍ली
वोकेशनल यूनिवर्सिटी, दिल्‍ली
एडीआर- सेंट्रल ज्‍यूरीडीशियल यूनिवर्सिटी, एडीआर हाउस, 8जे, गोपाला टावर 25 राजेंद्र प्‍लेस, नई दिल्‍ली- 110 008
इंडियन इंस्‍टीट्यूट ऑफ साइंस एंड इंजीनियरिंग, नई दिल्‍ली

कर्नाटक
बड़ागानवी सरकार वर्ल्‍ड ओपन यूनिवर्सिटी एजुकेशन सोसाइटी, गोकक, बेलगाम, कर्नाटक

केरल
सेंट जॉन्‍स यूनिवर्सिटी, किशनत्‍तम, केरल

मध्‍य प्रदेश
केसरवानी विद्यापीठ, जबलपुर, मध्‍य प्रदेश

महाराष्‍ट्र
राजा अरेबिक यूनिवर्सिटी, नागपुर, महाराष्‍ट्र

तमिलनाडु
डीडीबी संस्‍कृत यूनिवर्सिटी, पुटूर, त्रिची, तमिलनाडु

पश्चिम बंगाल
इंडियन इंस्‍टीट्यूट ऑफ अलटरनेटिव मेडिसिन, कोलकाता

उत्तर प्रदेश
महिला ग्राम विद्यापीठ/विश्‍वविद्यालय प्रयाग, इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश
गांधी हिंदी विद्यापीठ, प्रयाग, इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश
नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ इलेक्‍ट्रो कॉमप्‍लेक्‍स होमियोपैथी, कानपुर, उत्तर प्रदेश
नेताजी सुभाष चंद्र बोस यूनिवर्सिटी (ओपन यूनिवर्सिटी), अचलतल, अलीगढ़, उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश विश्‍वविद्यालय, कोसी कालन, मथुरा, उत्तर प्रदेश
महाराणा प्रताप शिक्षा निकेतन विश्‍वविद्यालय, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश
इंद्रप्रस्‍थ शिक्षा परिषद, इंस्‍टीट्यूशनल एरिया, खोड़ा, माकनपुर, नोएडा फेस-2, उत्तर प्रदेश
गुरुकुल विश्‍वविद्यालय, वृंदावन, उत्तर प्रदेश

Congress History will mark Mahmohan Singh as Another Narasimha Rao.


Congress History will mark Mahmohan Singh as Another Narasimha Rao.


Do you remember the Narasimha Rao government? If not, here's what happened: Rao was first hailed as a statesman who liberalized the economy and re-oriented our foreign policy. Then, halfway through his term, everything collapsed. Reforms halted, the economy slowed and his government was rocked by corruption scandals. Some ministers went to jail. Others resigned. And through it all, Rao remained a silent, indecisive figure.

The parallels are obvious. During his first term, Manmohan Singh too was hailed as the great reformer and statesman. But now, the reforms have dried up, the economy has spluttered to a near halt, the Prime Minister is seen as a dithering somnambulist and each week brings a new corruption scandal.

If you go and check the Congress Website , It only mentions Nehru-Gandhi Family for Contribution other all the leaders of country are washed away from memory of congressmen and untimely to he country's memory.


There is well defined strategy of Congress party behind communicating news to Media . Anything that is Good done by Govt Credit goes to Sonia/Rahul and anything that is bad in the Government Manmohan Singh is being marked as culprit of bad governance. Country is not only witnessing bad economic situation but also it is facing high level of internal and external security problems. The extremist groups are capturing the control over neighboring countries Government, India needs a strongest Government in this situation to protect the country.